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Friday, July 23, 2021
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गंगा दशहरा पर इन 5 शुभ मुहूर्तों में करें मां गंगा की पूजा, जानें घर में रहकर कैसे करें पूजा- अर्चना

गंगा के पृथ्वी में अवतरण के दिवस को हिंदू पंचांग में गंगा दशहरा कहा जाता है। हर साल यह तिथि ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को पड़ती है। ऐसे में इस साल में भी गंगा दशहरा रविवार, 20 जून को मनाया जाएगा।
शास्त्रों के अनुसार गंगा दशहरा सभी कामनाओं को पूर्ण करने वाला पर्व माना जाता है। ऐसे में इस बार 74 साल बाद चित्रा नक्षत्र और परिघ योग में गंगा दशहरा लग रहा है। जिसके चलते ग्रह-नक्षत्रों की ये स्थिति श्रद्धालुओं के लिए काफी शुभ मानी जा रही है।

हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का बहुत अधिक महत्व होता है। इस दिन विधि- विधान से मां गंगा की पूजा- अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर आईं थीं। इस बार कोरोना वायरस की वजह से घर में रहकर ही मां गंगा की पूजा- अर्चना करें। गंगा दशहरा पूजा- विधि, महत्व, मंत्र, आरती और शुभ मुहूर्त…
दशमी तिथि प्रारम्भ – जून 19, 2021 को 06:45 पी एम बजे

दशमी तिथि समाप्त – जून 20, 2021 को 04:21 पी एम

इन 5 शुभ मुहूर्तों में करें मां गंगा की पूजा- अर्चना

ब्रह्म मुहूर्त- 04:03 ए एम से 04:44 ए एम

अभिजित मुहूर्त- 11:55 ए एम से 12:51 पी एम

विजय मुहूर्त- 02:42 पी एम से 03:38 पी एम

गोधूलि मुहूर्त – 07:08 पी एम से 07:32 पी एम

अमृत काल- 12:52 पी एम 

★इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें। इस दिन गंगा नदी में स्नान का विशेष महत्व होता है, लेकिन इस बार कोरोना वायरस की वजह से गंगा स्नान नहीं कर सकते हैं, इसलिए घर में रहकर ही नहाने के पानी में गंगा जल डालकर मां गंगा का ध्यान कर स्नान करें।

★घर के मंदिर में गंगा जल का छिड़काव करें और दीप प्रज्वलित करें। 

★इस दिन मां गंगा का अधिक से अधिक ध्यान करें।

★मां गंगा को भोग लगाएं। इस बात का ध्यान रखें भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है।

★इस दिन दान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। अपनी क्षमता के अनुसार दान जरूर करें।

★घर में रहकर ही मां गंगा की आरती करें।

★मां गंगा चालीसा का पाठ करने से भी शुभ फल की प्राप्ति होती है।

★शास्त्रों के अनुसार गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान के बाद सूर्यदेवता को जल अर्घ्य देना चाहिए, इसके बाद दान अवश्य करना चाहिए।

गंगा स्नान के साथ ही इस दिन दान-पुण्य काफी लाभकारी होता है,जो अंत समय के बाद मोक्ष की प्राप्ति करने में सहायक होता है इस दिन सत्तू मटका और हाथ का पंखा दान करने की मान्यता है

इस दिन मंत्र- ”नमो भगवते दशपापहराये गंगाये नारायण्ये रेवत्ये शिवाये दक्षाये अमृताये विश्वरुपिण्ये नंदिन्ये ते नमो नम:” का जाप करना चाहिए।

गंगा दशहरा के दिन अपने पितृ को याद करके उन्हें जल अर्पण करना चाहिए।

आचार्य दीपक तेजस्वी

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