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Friday, July 23, 2021
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डेल्टा प्लस वेरिएंट के बीच आया COVID-19 का नया रूप लैम्ब्डा, जानें कितना खतरनाक है और क्या हैं लक्षण

नोवेल कोरोनावायरस का कहर अब भी जारी है और हर रोज हजारों की संख्या में अब भी मामले आ रहे हैं। कोविड ने अपने वेरिएंट से हर किसी की जाना दुश्वार करके रख दिया है। फिलहाल लोग डेल्टा और डेल्टा प्लस वेरिएंट को लेकर टेंशन में हैं और इसी बीच एक नए स्ट्रेन की खबर है। COVID का स्ट्रेन लैम्ब्डा वेरिएंट है जो मूल रूप से पेरू में खोजा गया था और यूनाइटेड किंगडम में रिपोर्ट किया गया है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, ‘वायरस लगातार म्टूटेशन के जरिए अपना स्वरूप बदल रहा है और अभी इसके तमाम वेरिएंट आने की उम्मीद है। कभी-कभी इसके नए वेरिएंट आते हैं तो कभी गायब हो जाते हैं।’ रिपोर्ट्स के अनुसार, दक्षिण ब्राजील में भी लैम्ब्डा वेरिएंट वेरिएंट के मामलों की पुष्टि हुई है लेकिन यूनाइटेड किंगडम में ये तेजी से पैर पसार रहा है।

लैम्ब्डा वैरिएंट का पहली बार पेरू में अगस्त 2020 में पता चला था और तब से लगभग 29 देशों में इसकी सूचना दी गई है। विशेषज्ञों का दावा है कि इस प्रकार के स्पाइक प्रोटीन में कई म्टूटेशन देखे गए हैं, जो इसकी ट्रांसमिसिबिलिटी यानी संक्रमकता की दर काफी अधिक बढ़ा देती है। यूनाइटेड किंगडम ने पिछले सप्ताह डेल्टा COVID-19 संस्करण के 35,204 नए मामले दर्ज किए।

वहीं पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (पीएचई) ने इसके अलावा 23 फरवरी से 7 जून तक लैम्ब्डा वेरिएंट के छह मामलों की सूचना दी है। स्वास्थ्य निकाय का कहना है कि टीका लगवाने के बाद आप अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को टाल सकते हैं। इन वेरिएंट के खिलाफ भी टीका असरदार है।

15 जून, 2021 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना के लैम्ब्डा वेरिएंट को ‘वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ के तौर पर घोषित किया था। WHO ने करीब 29 देशों में ‘लैम्ब्डा वेरिएंट’ के पाए जाने की सूचना दी थी। वहीं पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (PHE) कोविड के लैम्ब्डा स्वरूप को ‘variant under investigation (VUI) नाम दिया है। पीएचई की ओर से बताया गया है कि कोरोना के इस नए वेरिएंट की जांच चल रही है।

यूके के विशेषज्ञों के अनुसार, जिसे भी ऊपर दिए गए COVID के नए वेरिएंट के सिम्टम्स महसूस हों उसे अपना परीक्षण करवाना चाहिए और रिपोर्ट आने या परिणाम सकारात्मक आने तक खुद को अलग रखना चाहिए। इसके अलावा, सोशल, डिस्टेंसिंग और डबल मास्किंग बेहद जरूरी है। साफ-सफाई का खास ध्यान रखें और जितनी जल्दी हो सके खुद को टीका लगवाएं। अपनी दोनों टीके की खुराक प्राप्त करना सुनिश्चित करें।

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