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Sunday, September 19, 2021
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राजस्थान की सियासत कुमारी शैलजा के जयपुर दौरे के बाद एक बार फिर गरमा गई है।

राजस्थान की सियासत कुमारी शैलजा के जयपुर दौरे के बाद एक बार फिर गरमा गई है। दरअसल हरियाणा पीसीसी अध्यक्ष कुमारी शैलजा कल रात को आलाकमान का गुप्त संदेश लेकर आई और सीएम गहलोत से मुलाकात कर राजनीतिक सरगर्मिया तेज कर गई । शैलजा के इस अचानक दौरे को राजस्थान में मंत्रिमण्डल पुनर्गठन से जोड कर देखा जा रहा है। शैलजा ने रात को गहलोत के निवास पर जाकर उनसे बातचीत की और इस बार गांधी परिवार का संदेश देकर सुबह दिल्ली लौट गई। कुमारी शैलजा के दौरे की किसी नेता को भनक नहीं थी। वे रात को नौ बजे के आसपास जयपुर एयरपोर्ट आई और उसके बाद वे सीएमआर चली गई। वहां पर दोनों नेताओं के बीच करीब डेढ से दो घंटे बातचीत हुई। बातचीत को सियासी गलियारों में राजस्थान में संभावित मंत्रिमण्डल फेरबदल से जोड कर देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी इस सप्ताह इलाज के लिए अमरीका जा रही है। वे वहां पर करीब एक माह रह सकती है। ऐसे में संभावना जताई जा रही हैं कि उनके दौरे से पहले राजस्थान में मंत्रिमण्डल पुनर्गठन और बाकी का काम पूरा हो जाए ताकि कोई विवाद आगे न बढे। शैलजा के दौरे से राजस्थान में मंत्रियों की धड़कन ए तेज होने लगी है। कई मंत्री इस चिंता में है कि कहीं पुनर्गठन में उनका मंत्री पद न छिन जाए और इसीलिए वे भी चाह रहे हैं कि ये काम अभी टल जाए। अब शैलजा के दौरे को लेकर सियासत फिर तेज हो गई है कि शायद राजस्थान में इस सप्ताह मंत्रिमण्डल पुनर्गठन का काम पूरा हो जाए, हालांकि अभी इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और प्रभारी अजय माकन ने दो दिन विधायकों और एक दिन पदाधिकारियों के साथ मंथन किया था। इस मंथन में पहले विधायकों और पदाधिकारियों से वन टू वन संवाद किया गया। माकन ने इस दौरे की रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंप दी है और उस रिपोर्ट पर गांधी परिवार ने मंथन भी किया है। अब राजस्थान में मंत्रिमण्डल फेरबदल, राजनीतिक नियुक्तियों और संगठनात्मक फैसले किए जा सकते है। माना जा रहा है कि अगस्त में यह शुरुआत हो सकती है।
वहीं प्रभारी अजय माकन ने प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ बैठक से पहले दो दिन तक विधायकों के साथ संवाद किया था। इसमें सरकार के कामकाज के साथ विकास की योजनाओं और संगठनात्मक मुद्दों पर राय ली गई। इस राय में सभी विधायकों ने अपनी अपनी बात कही है। सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि आगे भी ऐसे ही काम होगा और साल 2023 में कांग्रेस अपनी सरकार को रिपीट करेगी। प्रभारी मंत्रियों को भी उनके जिले में और तेजी से काम कराने के निर्देश दिए गए है।

राजस्थान की सियासत कुमारी शैलजा के जयपुर दौरे के बाद एक बार फिर गरमा गई है। दरअसल हरियाणा पीसीसी अध्यक्ष कुमारी शैलजा कल रात को आलाकमान का गुप्त संदेश लेकर आई और सीएम गहलोत से मुलाकात कर राजनीतिक सरगर्मिया तेज कर गई । शैलजा के इस अचानक दौरे को राजस्थान में मंत्रिमण्डल पुनर्गठन से जोड कर देखा जा रहा है। शैलजा ने रात को गहलोत के निवास पर जाकर उनसे बातचीत की और इस बार गांधी परिवार का संदेश देकर सुबह दिल्ली लौट गई। कुमारी शैलजा के दौरे की किसी नेता को भनक नहीं थी। वे रात को नौ बजे के आसपास जयपुर एयरपोर्ट आई और उसके बाद वे सीएमआर चली गई। वहां पर दोनों नेताओं के बीच करीब डेढ से दो घंटे बातचीत हुई। बातचीत को सियासी गलियारों में राजस्थान में संभावित मंत्रिमण्डल फेरबदल से जोड कर देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी इस सप्ताह इलाज के लिए अमरीका जा रही है। वे वहां पर करीब एक माह रह सकती है। ऐसे में संभावना जताई जा रही हैं कि उनके दौरे से पहले राजस्थान में मंत्रिमण्डल पुनर्गठन और बाकी का काम पूरा हो जाए ताकि कोई विवाद आगे न बढे। शैलजा के दौरे से राजस्थान में मंत्रियों की धड़कन ए तेज होने लगी है। कई मंत्री इस चिंता में है कि कहीं पुनर्गठन में उनका मंत्री पद न छिन जाए और इसीलिए वे भी चाह रहे हैं कि ये काम अभी टल जाए। अब शैलजा के दौरे को लेकर सियासत फिर तेज हो गई है कि शायद राजस्थान में इस सप्ताह मंत्रिमण्डल पुनर्गठन का काम पूरा हो जाए, हालांकि अभी इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और प्रभारी अजय माकन ने दो दिन विधायकों और एक दिन पदाधिकारियों के साथ मंथन किया था। इस मंथन में पहले विधायकों और पदाधिकारियों से वन टू वन संवाद किया गया। माकन ने इस दौरे की रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंप दी है और उस रिपोर्ट पर गांधी परिवार ने मंथन भी किया है। अब राजस्थान में मंत्रिमण्डल फेरबदल, राजनीतिक नियुक्तियों और संगठनात्मक फैसले किए जा सकते है। माना जा रहा है कि अगस्त में यह शुरुआत हो सकती है।
वहीं प्रभारी अजय माकन ने प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ बैठक से पहले दो दिन तक विधायकों के साथ संवाद किया था। इसमें सरकार के कामकाज के साथ विकास की योजनाओं और संगठनात्मक मुद्दों पर राय ली गई। इस राय में सभी विधायकों ने अपनी अपनी बात कही है। सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि आगे भी ऐसे ही काम होगा और साल 2023 में कांग्रेस अपनी सरकार को रिपीट करेगी। प्रभारी मंत्रियों को भी उनके जिले में और तेजी से काम कराने के निर्देश दिए गए है।

राजस्थान की सियासत कुमारी शैलजा के जयपुर दौरे के बाद एक बार फिर गरमा गई है। दरअसल हरियाणा पीसीसी अध्यक्ष कुमारी शैलजा कल रात को आलाकमान का गुप्त संदेश लेकर आई और सीएम गहलोत से मुलाकात कर राजनीतिक सरगर्मिया तेज कर गई । शैलजा के इस अचानक दौरे को राजस्थान में मंत्रिमण्डल पुनर्गठन से जोड कर देखा जा रहा है। शैलजा ने रात को गहलोत के निवास पर जाकर उनसे बातचीत की और इस बार गांधी परिवार का संदेश देकर सुबह दिल्ली लौट गई। कुमारी शैलजा के दौरे की किसी नेता को भनक नहीं थी। वे रात को नौ बजे के आसपास जयपुर एयरपोर्ट आई और उसके बाद वे सीएमआर चली गई। वहां पर दोनों नेताओं के बीच करीब डेढ से दो घंटे बातचीत हुई। बातचीत को सियासी गलियारों में राजस्थान में संभावित मंत्रिमण्डल फेरबदल से जोड कर देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी इस सप्ताह इलाज के लिए अमरीका जा रही है। वे वहां पर करीब एक माह रह सकती है। ऐसे में संभावना जताई जा रही हैं कि उनके दौरे से पहले राजस्थान में मंत्रिमण्डल पुनर्गठन और बाकी का काम पूरा हो जाए ताकि कोई विवाद आगे न बढे। शैलजा के दौरे से राजस्थान में मंत्रियों की धड़कन ए तेज होने लगी है। कई मंत्री इस चिंता में है कि कहीं पुनर्गठन में उनका मंत्री पद न छिन जाए और इसीलिए वे भी चाह रहे हैं कि ये काम अभी टल जाए। अब शैलजा के दौरे को लेकर सियासत फिर तेज हो गई है कि शायद राजस्थान में इस सप्ताह मंत्रिमण्डल पुनर्गठन का काम पूरा हो जाए, हालांकि अभी इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और प्रभारी अजय माकन ने दो दिन विधायकों और एक दिन पदाधिकारियों के साथ मंथन किया था। इस मंथन में पहले विधायकों और पदाधिकारियों से वन टू वन संवाद किया गया। माकन ने इस दौरे की रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंप दी है और उस रिपोर्ट पर गांधी परिवार ने मंथन भी किया है। अब राजस्थान में मंत्रिमण्डल फेरबदल, राजनीतिक नियुक्तियों और संगठनात्मक फैसले किए जा सकते है। माना जा रहा है कि अगस्त में यह शुरुआत हो सकती है।
वहीं प्रभारी अजय माकन ने प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ बैठक से पहले दो दिन तक विधायकों के साथ संवाद किया था। इसमें सरकार के कामकाज के साथ विकास की योजनाओं और संगठनात्मक मुद्दों पर राय ली गई। इस राय में सभी विधायकों ने अपनी अपनी बात कही है। सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि आगे भी ऐसे ही काम होगा और साल 2023 में कांग्रेस अपनी सरकार को रिपीट करेगी। प्रभारी मंत्रियों को भी उनके जिले में और तेजी से काम कराने के निर्देश दिए गए है।

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