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Thursday, October 21, 2021
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पानीपत की इतिहासिक धरती पर खंडरा गांव के नीरज चोपड़ा ने देश के नाम इतिहास रच दिया। नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीतकर जीत को स्वर्णिम अक्षरों में लिख दिया

पानीपत की इतिहासिक धरती पर खंडरा गांव के नीरज चोपड़ा ने देश के नाम इतिहास रच दिया ।नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीतकर जीत को स्वर्णिम अक्षरों में लिख दिया ।उसकी खुशी से पूरे गांव में दिवाली का माहौल है। परिजन व ग्रामीण इस जीत से गदगद है। वही नीरज चोपड़ा के परिजनों को मुख्यमंत्री ,गृह मंत्री ,खेल मंत्री व राज्यपाल ने फोन पर बधाई दी।

नीरज चोपड़ा के चाचा भीम चोपड़ा ने कहा कि हमें पहले से ही उम्मीद थी नीरज गोल्ड जीतकर लाएगा । देश व परिवार का सपना पूरा किया है। वहीं उन्होंने नीरज के प्रतिद्वंदी के बारे कहा कि आज उनका दिन नहीं था वह भी अच्छे खिलाड़ी हैं ।लेकिन नीरज ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन कर देश ,परिजनों व गांव का नाम रोशन किया है। भीम चोपड़ा ने कहा कि नीरज चोपड़ा के स्वागत के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी है ।
नीरज के पिता सतीश ने कहा कि देश के करोड़ों लोगों का आशीर्वाद व दुआ थी कि नीरज गोल्ड मेडल जीत पाया।

नीरज की माता सरोज का कहना है कि नीरज ने अपना व परिवार का सपना पूरा कर दिया । उसका बचपन से सपना था कि वह गोल्ड मेडल जीत कर लाएं ।
नीरज चोपड़ा की गोल्डन जीत से पूरे विश्व में देश को गौरवान्वित किया है । वही पानीपत एक छोटा सा खंडरा गांव आज विश्व के मानचित्र पर पहचान बन चुका है। नीरज चोपड़ा घर में आने जाने वालों का बधाइयों का तांता लगा हुआ है।

बता दें कि नीरज के रिकॉर्ड तक कोई नहीं पहुंच पाया
नीरज ने पहली बार में 87.03 मीटर और दूसरी बार में 87.58 मीटर दूर भाला फेंका। तीसरे अटैम्प्ट में उन्होंने 76.79 मीटर, चौथे और 5वें में फाउल और छठे अटैम्प्ट में 80 मीटर से ज्यादा थ्रो किया।कोई भी नीरज के 87.58 मीटर के रिकॉर्ड तक नहीं पहुंच पाया। नीरज की इस सफलता पर हरियाणा समेत पूरा देश नाज कर रहा है।

मुकाबला देखने के लिए एलईडी स्क्रीन लगाई
नीरज चोपड़ा का मुकाबला देखने के लिए उनके पानीपत के गांव खांडरा स्थित घर में बड़ी स्क्रीन लगाई गई। घर में पूरा परिवार, रिश्तेदार, गांववाले और एथलेटिक्स फेडरेशन के अधिकारी जुटे। उन्होंने एक साथ लाइव मुकाबला देखा। पंडाल लगाकर कुर्सियां लगाई गईं। गांव के बड़े बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं सुबह से ही नीरज के घर पर जुटने लगे थे।

नीरज चोपड़ा हरियाणा के पानीपत जिले के मतलौडा ब्लॉक के गांव खण्डरा के रहने वाले हैं। इनके पिता सतीश चोपड़ा किसान हैं और मां सरोज देवी गृहिणी हैं। दो छोटी बहनें संगीता और सरिता हैं। चाचा भीम चोपड़ा ने नीरज को जेवलिन थ्रो में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया था।

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